जीत हार पर उम्दा पंक्तियां
“जहां जीत सुकून देती है, तो हार सुधार का अवसर।” “जहां जीत संतोष है, तो हार विकास।” “जहां जीत थाम लेती है, तो हार आगे बढ़ा देती है।” “जहां जीत खुशी देती है, तो हार सिखाती है।” “जहां जीत मंज़िल है, तो हार सीख।” सब बातों की एक बात — “जीत संतुष्ट कर देती है, हार खुद की कमियों को खोजने का अवसर देती है।” — Anita Gahlawat "कितनी भी शातिर चाल चल ले, हे समय… मुझे यकीन है कि तुम मेरी चौखट पर एक दिन कहानी बनकर लौटोगे।" — Anita Gahlawat विजयदशमी पर्व - दशहरा दुर्गा मां ने महिषासुर को मारा राम ने मारा रावण को। बुराई पर अच्छाई की जीत माना जाता विजय दशमी पर्व को।। फूँकने के लिए रावण के पुतले बनाये जा रहे हैं कहीं बनाने वाला ही रावण ना हो। माता की पूजा के लिए पंडाल सजते हैं, मेले लगते हैं कहीं सजाने वाला ही महिषासुर ना हो।। अपने अन्दर में विराजित रावण को मारो ना ज़रूरत पड़ेगी जलाने की। महिषासुर जैसा राक्षस मत पालो डर कर किसी नारी को ज़रूरत न होगी त्रिशूल उठाने की।। विजय दशमी पर्व की सभी को हार्दि क बधाई।। - Anita Gahlawat