anita gahlawat quotes1
करीब से हमने समझा तो जान पाये हम बहुत देर कर चुके थे...... पिछे मुङकर देखने की जरूरत नहीं थी हम बहुत आगे आ चुके थे...... अजीब है जिंदगी के रास्ते जाना कहां चाह रहे थे और पहुचं कहीं ओर चुके थे...... मसले न हल होगें गलतफहमियों के दूनिया में आज कुछ हैं पुराने दौर निकल चुके थे........