करीब से हमने समझा तो जान पाये
हम बहुत देर कर चुके थे......
पिछे मुङकर देखने की जरूरत नहीं थी
हम बहुत आगे आ चुके थे......
अजीब है जिंदगी के रास्ते जाना कहां चाह रहे थे
और पहुचं कहीं ओर चुके थे......
मसले न हल होगें गलतफहमियों के दूनिया में
आज कुछ हैं पुराने दौर निकल चुके थे........
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