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Latest new shayari

"Anita Gahlawat की नवीनतम शायरी में भावनाओं का प्रवाह पानी की धार जैसा है—रोकने पर भी प्रतिभा और जज़्बा अपना रास्ता खुद चुन लेते हैं।" "प्रतिभा भी पानी की धार जैसी है— कोई न कोई रास्ता चुन ही लेती है, चाहे कितने भी रोकने वाले खड़े हों।" — Anita Gahlawat "जो बात दिल पे लग जाती है, वो 'ठन' जाती है… और वहीं से शुरू होता है सच्चे संघर्षों का दौर।" — Anita Gahlawat "जो बात दिल पे लग जाती है, वो 'ठन' जाती है, और वहीं से शुरू होता है सच्चे संघर्षों का दौर।" — Anita Gahlawat जहां गिरी शबनम वही आग-सी लगती रही आंखो से सारी रात बारीश बही ओर खुद कायनात बेखबर रही..... जो दूसरों को गिराने का शौक रखते हैं  यकीनन गिरने का वक्त उनका भी आता है ।। हैसियत बहुत है हकीकत की परिंदे झूठी उड़ान के सहारे नहीं होते ।। दिखावे ने  सस्ती चीजों से गठबंधन किया होगा !! तब से महंगे शौक आसमानों में हैं।। रास्ते तो बहुत मिलें!! धूप हो या छांव हमने केवल वही चुना जिसमें सुकून था ।। करवट बदली जिंदगी ने तो लोग बदल गए.... दिन बुरे थे तो कोई नहीं था दिन अच्छे हैं तो भी...