real thoughts
ख्वाब ही हैं जो कारवा ढुंढते है
पेट तो भूख मिटा के सो जाता है.....
***
राहें तो मुसाफिर बनाते हैं
अपनो की खुशी ढुंढते ढुंढते.....
***
सफल वह है जिसने दिल जीते है
शिकार तो बिल्ली भी कर लेती है....
***
नये कारवां मिल गये चलने के लिये
पर हर कारवां पुराने जैसा नहीं होता.....
***
सफर चाहे रास्ते का हो या जिंदगी का
उतार चढाव जरूर आता है.....
***
मतलब निकलते ही अहसान भूल जाते हैं
अकसर एेसे लोग ज्यादा मार खाते हैं...
***
प्रेम ओर नफरत एक ही जगह पनपती है
वो आप पर निर्भर है कौनसा चुनतें हैं.....
***
सलाह मशविरा देने वाले बहुत हैं
लेकिन खुद पर आजमाने में आलस करते हैं
***
सोच कर देखो जो संभलकर चलते है
उन्होनें कितनी ठोकरे खाइ होगीं....
***
दूसरे को आजमानें से पहले अपने अन्दर
झांक कर देखना चाहिये....
***
लफ्जों में भी गर्मी-सर्दी जैसा मौसम होता है
प्यार से बोलो तो ठण्ड महसुस होती है ।
पेट तो भूख मिटा के सो जाता है.....
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राहें तो मुसाफिर बनाते हैं
अपनो की खुशी ढुंढते ढुंढते.....
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सफल वह है जिसने दिल जीते है
शिकार तो बिल्ली भी कर लेती है....
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नये कारवां मिल गये चलने के लिये
पर हर कारवां पुराने जैसा नहीं होता.....
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सफर चाहे रास्ते का हो या जिंदगी का
उतार चढाव जरूर आता है.....
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मतलब निकलते ही अहसान भूल जाते हैं
अकसर एेसे लोग ज्यादा मार खाते हैं...
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प्रेम ओर नफरत एक ही जगह पनपती है
वो आप पर निर्भर है कौनसा चुनतें हैं.....
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सलाह मशविरा देने वाले बहुत हैं
लेकिन खुद पर आजमाने में आलस करते हैं
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सोच कर देखो जो संभलकर चलते है
उन्होनें कितनी ठोकरे खाइ होगीं....
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दूसरे को आजमानें से पहले अपने अन्दर
झांक कर देखना चाहिये....
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लफ्जों में भी गर्मी-सर्दी जैसा मौसम होता है
प्यार से बोलो तो ठण्ड महसुस होती है ।
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अगर आपको मेरा लिखा हुआ अच्छा लगे या कोई सुझाव देना हो तो कृपा आप कमेंट करें । धऩ्यवाद ।