हिन्दी शायरी
सुना था उसकी सुंदरता के बारे में
देखा तो वाकई में हद थी।
सुना था बातो में नहीं जीत सकता उसे कोई
बातें हुई तो बोली भी कातिलाना थी।
लोगों ने उसे घमंडी बताया
पर हर कोई नही उसकी दोस्ती के काबिल
मिल जाती है रूह किसी से तो हटती नहीं
दूनियां लग जाये तोङने तो टूटती नहीं
क्योकि फरिश्तो का पहरा है इन्सानों का नहीं
देखा तो वाकई में हद थी।
सुना था बातो में नहीं जीत सकता उसे कोई
बातें हुई तो बोली भी कातिलाना थी।
लोगों ने उसे घमंडी बताया
पर हर कोई नही उसकी दोस्ती के काबिल
मिल जाती है रूह किसी से तो हटती नहीं
दूनियां लग जाये तोङने तो टूटती नहीं
क्योकि फरिश्तो का पहरा है इन्सानों का नहीं
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