"जो महसूस किया, वो कह दिया..."

1)  भारत की मिट्टी से बना हूँ कोई बे-भरोसे का चाइनीज़             माल नहीं


2)  थोङा busy हूँ पर दोस्तों को भूलना फितरत नहीं ।



3) मेहनत कामयाबी के पिछे नहीं भागती ,कामयाबी मेहनत के के पिछे भागती है।


4)believe है अपने पर proud नहीं ।


5)हम भले ही फेल हो जाओ रटटे नहीं मारा करते ।


6)पागल नही हूँ जो तुझे भूल जाऊ


7) चलते रहो कारवां बहुत हैं ।


8)लाइफ टेडी-मेडी चलती है झक मारते रहो मंजिल तक ले जायेगी ।

9) आज छांव में बैठे है मेहनत से ,अकसर उनको धूप में चलने का experience ज्यादा होता है।


10)  कामयाब वो नहीं जिसके पास सबकुछ है।कामयाब तो वो है जो दो लोग ये कह दे की वह बहुत अच्छा इन्सान है।

11) हर चीज के दो पहलु हैं अच्छा ओर बुरा, वो आपकी सोच पर निर्भर करता है आप कॆसा सोचते हैं ।

12) हमें तो नहीं आता अपनी गलती दूसरे पर मडंना, हालांकि दूसरो की गलती को अपने पर मडंना जरूर आता है।






* हर रिश्ता कुछ कहता है।
प्यार का सागर ही जीवन का आधार है।


* बेजान पत्थरों में जान शायरो ने डाल रखी है
वरना कॊन इनको समझने की जुस्तजु करता।


* दिल ही तो खता करता है दिल लगाने की।
  वरना किसमे हिम्मत थी अपनॊ से दगा करने की।।


*कभी किसी को कम मत आंकना अकसर हार वही पर होती है जहा सोचते वक्त कम सोचा है।


* मुसीबत में काम आए  वे अपने होते है ,तस्वीर साथ खिचाने वाले नहीं ।

* बेईमानी गॆरो से नहीं अपनो से ही शुरू होती है।

* उन अपने कहे जाने वाले रिश्तो से बेशक दूर हो जाना जो आपसे नफरत करते हैं।

* अगर परिवार मॆं प्यार है तो अपनो से बङा ना कॊई दोस्त ना कोई रिश्तेदार ।


* साजिश रचते हैं वो जो मेहनत करने से कतराते हैं।

* थपप्ङ मारना  बेहतर है पिछे  बुराई करने से।

* अकसर बातें उन्हीं की बनती हैं जिनमें कोई बात होती है।

* पागल  वो नहीं जो पागल है, पागल तो वो है जो पागल को समझदार समझता है।




🌿 मेरे कुछ ख्याल, मेरी जुबानी 🌿

(By Anita Gahlawat)

1. भारत की मिट्टी से बना हूँ, कोई बे-भरोसे का चाइनीज़ माल नहीं।


2. थोड़ा बिज़ी ज़रूर हूँ, मगर दोस्तों को भूल जाना मेरी फितरत नहीं।


3. मेहनत कामयाबी के पीछे नहीं भागती, कामयाबी मेहनत के पीछे भागती है।


4. "Believe" है खुद पर... "Proud" होना ज़रूरी नहीं समझता।


5. हम भले ही फेल हो जाएं, मगर रट्टे नहीं मारते।


6. पागल नहीं हूँ जो तुझे भूल जाऊँ, यादें दिल से जुड़ी हैं, दिमाग से नहीं।


7. चलते रहो... कारवाँ बहुत हैं।


8. लाइफ टेढ़ी-मेढ़ी ही सही, चलो तो सही... मंज़िल जरूर मिलेगी।


9. आज जो छांव में बैठे हैं, उन्होंने धूप में चलने का हुनर खुद सीखा है।


10. कामयाब वही नहीं जिसके पास सब कुछ है,
कामयाब वो है जिसे लोग कहें — "वो इंसान बहुत अच्छा है!"


11. हर चीज़ के दो पहलू होते हैं — अच्छा और बुरा, फर्क आपकी सोच से पड़ता है।


12. गलती को दूसरों पर मढ़ना नहीं आता,
लेकिन दूसरों की गलती खुद उठा लेने की आदत सी है।




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✒️ कुछ एहसास, कुछ सच…

हर रिश्ता कुछ कहता है... प्यार का सागर ही जीवन का आधार है।

बेजान पत्थरों में जान डाल दी शायरों ने,
वरना कौन इनसे जुड़ी बातों को समझता!

दिल ही तो खता करता है दिल लगाने की,
वरना अपनों से दगा करने की हिम्मत किसमें थी!

कभी किसी को कम मत आंकना,
हार वहीं होती है जहाँ सोचने में चूक होती है।

मुसीबत में साथ देने वाले अपने होते हैं,
तस्वीरें खिंचवाने वाले नहीं।

बेईमानी गैरों से नहीं, अपनों से शुरू होती है।

उन रिश्तों से दूरी बेहतर,
जो अपने कहकर नफरत पालते हैं।

अगर परिवार में प्यार है,
तो ना कोई दोस्त ज़रूरी है, ना रिश्तेदार।

साजिश वही रचते हैं जो मेहनत से डरते हैं।

सामने थप्पड़ मारना बेहतर है,
पीठ पीछे बुराई करने से।

बात उन्हीं की बनती है, जिनमें कुछ "बात" होती है।

पागल वो नहीं जो पागल है,
पागल वो है जो पागल को समझदार कहता है।






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