पहली नजर का प्यार
कुछ मनचलों की हालत जो बयां न कर सके और प्यार का अहसास भी....👇
लहरिया है बदन तेरा कुमुदिन सी जवानी
मचल उठेंगे परवाने तो होगी नादानी ।
होठों पर शबाब बिखरा पङा है
हुस्न पे नजाकत का पहरा,अदाएं रोमानी।।
हम तो खूबसूरती निहारते है।
गलत मत समझना,न कहेंगे तो होगी बेईमानी।।।
उछाल भरते समदंर की लहर तूफानी- सी।
जुल्फे तेरी उलझी उलझी
निगाहें तेरी सुलझी सुलझी।।
आँखें मिलाकर फेर लेती हो
करती हो बिन बोले दिल पर मनमानी- सी।।
लहरिया है बदन तेरा कुमुदिन सी जवानी
मचल उठेंगे परवाने तो होगी नादानी ।
होठों पर शबाब बिखरा पङा है
हुस्न पे नजाकत का पहरा,अदाएं रोमानी।।
हम तो खूबसूरती निहारते है।
गलत मत समझना,न कहेंगे तो होगी बेईमानी।।।
उछाल भरते समदंर की लहर तूफानी- सी।
जुल्फे तेरी उलझी उलझी
निगाहें तेरी सुलझी सुलझी।।
आँखें मिलाकर फेर लेती हो
करती हो बिन बोले दिल पर मनमानी- सी।।
ना देखु तो होगी तोहिंद खूबसूरती की।
कह दु कुछ तो मनचला कहलाऊंगा
कब तलक देखु तुझे इस कदर
पलक नहीं झपकी तो पागल बन जाउंगा ।।
सरद रातो में चली हवा गरम कैसे
पसीना पसीना कर गई बर्फ की चट्टानों पर जैसे ।
आ गया आगोश में चांदनी के ये बादल कैसे
चांद के आगे अँधेरी रात ने समर्पण किया हो जैसे ।।
सुखा था मौसम देखा तुझे तो हरा कैसे ।।।
दूर से आते देखा था, पास आकर साइड से निकल गई
देखता रहा मॆं पलट कर एक बार भी तुने देखा नहीं।
तेरे चाहने वाले बतेरे होंगे इस ज़माने में
पर दिल बेकाबू हो जाये तो फिर संभलता नहीं।।
Anita gahlawat
Waah’ khoob
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