पुलवामा शहिदों को नमन
आज उन माताओं के कलेजे जगह से हटे हैं जिनके वीर बेटे शहादत में तीरंगे से लिपटे हैं उन बहनों के सिंदूर बिंदिया महावर सब धुल गये जिनके पति वतन के लिए प्राण न्योछावर कर गये बच्चे मां से पापा के आने की बात करते थे आज कहां चले गये पापा कुछ नहीं समझतें हैं काश्मीर भारत का मुकूट आन-बान और शान है पुलवामा का हमला पाकिस्तान ना-पाक निशान है काश्मीर में घर के भेदी विभिषण ही लंका ढहाते हैं खाते हिन्दूस्तान का और नारे पाकिस्तान के लगाते हैं भारत मां का देख कर तिरंगा जो खून से सना है पाकिस्तान को लेकर बच्चा-बूढा जर्रा जर्रा खफा है आज खून उबल रहा है चारों तरफ देश में कुचल दो हरामीयों को हर कोई है जोश में पहले इन विभिषणों को गददारी का पाठ पढा दो पत्थरबाज हो या आतंकी सबको ताबूत में सुला दो शेरों का लहू बहा है कुतो ने छुपकर वार जो किया है हर भारतीय ने पसीजे दिल से शहिदों को नमन किया है जय हिन्द ! अनीता गहलावत